अधूरे पड़े शौचालयों में कहीं भरे कंडे तो कहीं भरा भूसा खुले में शौच जा रहे ग्रामीण

बिधनू ब्लाक :- सरकार स्वच्छ भारत के संदेश को प्रभावी बनाने के लिए हर परिवार को शौचालय देकर स्वच्छ भारत होने के दावे कर रही है। शासन ने बाकायदा आदर्श शौचालय का एक मॉडल भी जारी किया था जिसमें एक पक्की पूर्वी है तो पक्के गड्ढे और पानी की टंकी की व्यवस्था देख लो लेकिन बिधनू विकासखंड में शौचालय निर्माण में ऐसा खेल हुआ कि बीते 1 साल से अधिकांश शौचालय में पानी की टंकी को दूर छत और दरवाजे तक नहीं लगा जिसकी वजह से लोग इन अधूरे शौचालय में खड़े और लकड़ी घर कर खुले में शौच जा कर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। वही शुक्रवार ग्रामीणों ने पंचायत भवन के सामने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जमकर की नारेबाजी। बिधनू एडीओ पंचायत अतुल शुक्ला ने बताया हमारे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं अगर कोई मामला है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण- रामबाबू , सरकार को ऐसे शौचालय बनाने से क्या फायदा जब तक शौचालय निर्माण पूरा नहीं होगा तब तक उसका पूरा उपयोग नहीं होगा 1 वर्ष से बिना छत और दरवाजे के शौचालय अधूरा पड़ा है। शशि कुमार, शौचालय बनाने को ग्राम प्रधान व सचिव से कहा तो मांगे दो ₹2000 पैसे ना देने पर शौचालय अभी तक पढ़ा है अधूरा। प्रेमवती, पैसे ना देने पर ना मिली सीट ना पड़ी छत का करें भर दिए कन्डे। सचिव श्वेता तिवारी ने यही बताया मेरी नई पोस्टिंग हुई है ।जो भी है पुराना मामला है। पूर्व सचिव अनिल शुक्ला के समय का मामला है मेरे कार्यकाल का नहीं है जिस के कार्यकाल का है वही भुगतेगा।

आरती सिंह भारत न्यूज़

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